करेला
करेला या कडवा तरबूज एक औषधीय फल के रूप में आजकल दुनिया भर में प्रचलित है. इसे अन्य कई नामों से भी जाना जाता है. इस औषधीय फल का इतिहास पुराना है. माना जाता है कि इसका इस्तेमाल पहली शताब्दी से दवा के रूप में किया जाता रहा है.एलोवीरा एक सबसे पुराना पाया जाने वाला फल है जो प्रकृति के द्वारा दिया गया एक अनमोल उपहार है यह औषधीय के रूप में केवल ४ या ५ नामों से जाना जाता है.
करेला फल अक्सर एक भारतीय उपमहाद्वीप में आहार के रूप में प्रयोग किया जाता है और अच्छी तरह से आमतौर पर मधुमेह के इलाज के रूप में जाना जाता है तथा यह अन्य विकारों के लिए भी एक लोक दवा के रूप में जाना जाता है.करेला मनुष्य के लिए परम हितकारी और औषधीय गुणों का भंडार है।
एक करेला दूजा नीम चढ़ा’ कहावत का अर्थ है, बुरे व्यक्ति में और बुराई आना।
परंतु करेला इस कहावत पर ठीक उल्टा बैठता है, करेले का स्वाद भले ही कड़वा हो परंतु हमारे स्वास्थ्य एवं सौंदर्य दोनों के लिए बहुत लाभकारी है। कड़वा होने के कारण आप भले ही इसे न खाएँ परंतु यह पोषक गुणों से भरपूर होता है।
औषधि के तौर पर तो करेले का इस्तेमाल लंबे समय से हो रहा है, आजकल इसकी खेती बड़े स्तर पर होने लगी है करेला आपको सेहतमंद रखने में आपकी करता है इस पौधे को चीन, भारत, पाकिस्तान अलग अलग हिस्सों में लगभग सत्रहवीं शताब्दी में उगाया गया था.
चीन, जापान और भारत मे करेले का प्रयोग पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता है. करेले के बहुत अधिक लाभ हैं
करेला कैप्सूल

करेला कैप्सूल मधुमेह में रामबाण औषधि का कार्य करता है यह भूख को बढ़ाकर हमारी पाचन शक्ति सुधारता है। यह पचने में हल्का है। शीतल होने के कारण गर्मी से उत्पन्न विकारों पर शीघ्र लाभ करता है। करेला बुखार, खाँसी, त्वचा के विकार, एनीमिया, प्रमेह तथा पेट के कीड़ों का नाशक है।
करेला कैप्सूल स्वस्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा होता है , विशेषकर मधुमेह या डाईबिटीस के लिए | यह एक एंटीओक्सिडेंट है और शर्करा के मेटाबोलिजम को बढाता है | इसमें आयरन , विटामिन सी , केल्सिअम , पोटेसीऍम एवं बीटा केरोटिन इत्यादि तत्व पाए जाते हैं | यह सब तत्व शरीर को बीमारियों से बचाते हैं , किसी ने सच ही कहा है ” पहला सुख निरोगी काया ” | और सुनिए इसके गुण , यह लिवर को ताकत देता है तथा आँतों में कीड़ों से होने वाले विकारों से भी सुरक्षा देता है |
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| मुख्य कार्य | अन्य कार्य |
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यह कैंसर से भी शरीर को बचाता है एवं चर्म रोगों में भी काफी लाभदायक होता है | और भी बहुत से गुण है करेला कैप्सूल में |
करेला कैप्सूल लकवे में लाभदायक है।दमा रोग में भी लाभ होता है। करेला कैप्सूल का सेवन करने से शरीर का दूषित रक्त साफ़ हो जाता है। इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में फास्फोरस मिल जाता है। शरीर में स्फूर्ति रहती है। करेला कैप्सूल गर्मी प्रदान करता है ,अधिक सेवन करते हुए इसकी गर्मी की ओर ध्यान रखना चाहिये।गठिया होने पर भी इसका उपयोग कर सकते है ।
करेला कैप्सूल का प्रतिदिन सेवन करने से डायबिटीज में चमत्कारिक लाभ मिलता है। क्योंकि करेला पेंक्रियाज को उत्तेजित कर इंसुलिन के स्रावण को बढ़ाता है। बिटर्स एवं एल्केलाइड की उपस्थिति के कारण इसमें रक्तशोधक गुण पाए जाते हैं। इसका प्रयोग करने से फोड़े-फुंसी एवं चर्मरोग नहीं होते। वहीं इसके सेवन से एसिडिटी, खट्टी डकारों में आराम मिलता है। विटामिन ए की उपस्थिति के कारण यह रतौंधी रोग में भी लाभ करता है। दर्द में आराम आराम पहुँचाता है।
करेला कैप्सूल में 6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 15 ग्राम प्रोटीन,20 मिलीग्राम कैल्शियम, 70 मिलीग्राम फास्फोरस,18 मिलीग्राम लोह तत्व, विटामिन ए, विटामिन-सी के अलावा इसमें गंधयुक्त वाष्पशील तेल, केरोटीन, ग्लूकोसाइड, सेपोनिन, एल्केलाइड एवं बिटर्स पाए जाते हैं। इन सभी पौषक तत्वों के कारण करेला कैप्सूल बहुत अधिक लाभदायक होता है ।

